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जब लोग योग के बारे में सोचते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनके मन में एक विशिष्ट स्थिति और गहरी एकाग्रता में बैठे भिक्षुओं की तस्वीर है। कुछ लोग चुनौतीपूर्ण, कठिन स्थिति और कठिन साँस लेने के तरीकों के बारे में भी सोचते हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि योग स्टेमिना के लिए इन गलत व्याख्याओं को दूर कर देता है और आपको सहनशीलता का निर्माण करने के एक बहुत ही आसान तरीके की ओर ले जाता है। योग एक आध्यात्मिक अभ्यास है और माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी। भारतीय संस्कृति में, यह केवल विश्राम या खिंचाव की एक विधि से अधिक है। यह आंतरिक आत्म संतुष्टि खोजने का एक तरीका है। और इस अभ्यास से आप जो लाभ प्राप्त कर सकते हैं, वह निस्संदेह आपको आश्चर्यचकित कर देगें, जब आप इसे दैनिक आदत बना लेंगे। 

सहनशक्ति(स्टेमिना) बढ़ाने के लिए कुछ योगासन 
कामकाजी जीवन या व्यस्त कार्यक्रम वाले अधिकांश लोग, योग को अपनी दैनिक जीवन शैली में शामिल करना पसंद करते हैं। यह उनके तनाव को कम करता है और ताकत बनाता है। जिस क्षण आप स्वयं को योग के अभ्यास में पूरी तरह से शामिल कर लेंगे, आप अपने काम पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सक्षम होंगे। लेकिन क्या सभी योगासन एक जैसे काम करते हैं बिल्कुल नहीं। आइए जानें कुछ ऐसे मुद्राओं के बारे में जो शरीर की मजबूती और स्टैमिना पर काम करते हैं।

1. नवासना या बोट पोज 
नवासना को एक अधिक बुनियादी मुद्रा के रूप में वर्गीकृत किया गया है जो आपको एक मजबूत कोर प्रदान करती है। इस आसन को बोट पोज भी कहा जाता है। सबसे पहले आपको सीधे लेटने की जरूरत है और फिर पीछे की ओर झुककर अपने पैरों को जमीन से उठा लें। फिर अपनी बाहों को आगे ले जाएं और एक मिनट तक ऐसे ही रहें। अब रिलीज करें और दोहराएं। दिनचर्या शुरू करने में यह आसन बहुत कारगर है। इस मुद्रा को अपने शरीर के लिए आदर्श बनाएं। 

2. परम लेग्ड स्ट्रैडल पोज़ या कोनासन 
कई योग सीखने वालों के बीच स्ट्रैडल पोज़ को फेवरेट में से एक माना जाता है। यह शरीर के ब्लड सर्कुलेशन पर काम करता है और ब्लड को पेल्विक और ग्रोइन एरिया तक पहुंचाने में मदद करता है। इस मुद्रा को करने के लिए-

  • सीधे बैठें और अपने पैरों को फ्लेक्स करें
  • उन्हें तब तक फैलाएं जब तक आप फैला सकें
  • धीरे-धीरे जमीन पर आ जाएं] कुछ सेकंड के लिए रुकें और फिर दोहराएं

इस आसन को दिन में चार बार करने से आपको बेहतरीन परिणाम मिल सकते हैं। 

3. बच्चे की मुद्रा या बालासन
यह मुद्रा मुख्य रूप से शरीर] मन और अन्य बाहरी इंद्रियों को आराम देने के लिए जानी जाती है। तनाव को दूर करने और अपनी एकाग्रता में सुधार करने के लिए एक बच्चे की मुद्रा प्रभावी है। सबसे पहले घुटने टेकें और अपनी पीठ को धनुषाकार बनाएं। अब दोनों हाथों को अपने सामने फैलाएं जहां हथेलियां फर्श पर टिकी हों। दस सेकंड के लिए इस मुद्रा में रहें और इसे दोहराएं। इसे स्ट्रेस बस्टर के रूप में जाना जाता है और कई खतरनाक स्थितियों को ठीक करता है। 

4. धनुरासन
यह आसन मुख्य रूप से पूरे शरीर को स्ट्रेच करने पर केंद्रित होता है। यह पाचन और वजन घटाने] और रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने में मदद करता है। जितना अधिक आप इस मुद्रा का अभ्यास करेंगे] आप उतने ही लचीले होते जाएंगे। सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं] फिर पैरों को हाथ से पकडकर पीछे की ओर खींचे। आपका शरीर धनुष की तरह दिखना चाहिए] जैसा कि नाम से पता चलता है। एक मिनट के लिए इस स्थिति में रहें] फिर इसे दोहराएं। 

5. वक्रासन या मुड़ मुद्रा
यह आपके पेट के लिए सबसे प्रभावी है। यह पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है और पाचन में भी सुधार करता है। इस मुद्रा को करने के लिए आपको पहले स्थिर मुद्रा की मुद्रा लेनी है] फिर दाहिने पैर को बाईं ओर रख दें। आपका एक हाथ आपके दाहिने पैर के घुटनों पर होना चाहिए] और दूसरा हाथ आपके शरीर से थोड़ा दूर होना चाहिए। अपनी रीढ़ को सीधा रखें और सांस लेने पर ध्यान दें। कुछ मिनट इस मुद्रा में रहें और फिर इसे दोहराएं।

6. काकासन या कौवा मुद्रा
यह आसन फोकस में सुधार] सुस्ती को दूर करने और शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए है। काकासन मुख्य रूप से आपकी कलाई] हाथ और बांह की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने में आपकी मदद करता है। स्क्वाट करके पहले इस मुद्रा को आजमाएं] और पैरों को थोड़ा अलग रखना न भूलें। फिर हाथों को जमीन पर मजबूती से टिकाएं] और लगातार संतुलन पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने शरीर को ऊपर उठाएं। 
यह आसन आपके तन और मन को हल्का महसूस कराता है। यह एक कठिन आसन है] लेकिन आप अभ्यास के साथ इसमें महारत हासिल कर सकते हैं। 

7. हलासन या हल मुद्रा
मोटापे से निपटना चाहते हैं\ हलासन करने की कोशिश करें। यह मुद्रा आंतरिक अंगों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रसिद्ध है यह कब्ज, अपच आदि को ठीक करता है। सबसे पहले, इस मुद्रा को शुरू करने के लिए, अपनी पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को दोनों तरफ रखें। फिर 180 डिग्री का कोण बनाते हुए पैरों को सिर के ऊपर उठाएं।
बिना किसी संदेह के, सहनशक्ति के लिए योग का अभ्यास करना एक परम विकल्प है। ऊपर बताए गए आसन मुख्य रूप से कोर को मजबूत करने, रक्त परिसंचरण में सुधार, पेल्विक क्षेत्र को टोन करने और शरीर और दिमाग को शांत करने का काम करते हैं। तो, इस प्रकार योग मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर काम करता है। इसलिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। योग को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाएं और आप परिणाम देखेंगे कि यह कैसे एक स्वस्थ संतुलित जीवन शैली को बनाए रखता है।

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